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पत्रकार की सुरक्षा पर संकट: कलेक्टर से गुहार, दो भाइयों पर जान से मारने की धमकी, बयान बदलने का दबाव और झूठे मामलों में फंसाने का गंभीर आरोप

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बलौदाबाजार।
जिले में पत्रकार सुरक्षा को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक स्थानीय पत्रकार ने कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाते हुए दो सगे भाइयों पर लगातार धमकी, षड्यंत्र और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। मामले ने प्रशासनिक हलकों में भी हलचल पैदा कर दी है।
प्रार्थी राघवेन्द्र सिंह, जो जिले के विभिन्न समाचार पत्रों में जिला संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं, ने अपने आवेदन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि गांधी चौक निवासी ऋषि शुक्ला और आशीष शुक्ला द्वारा उन्हें लंबे समय से निशाना बनाया जा रहा है। पत्रकार का आरोप है कि दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, जिनमें वह स्वयं एक महत्वपूर्ण गवाह हैं। इसी कारण उन पर लगातार बयान बदलने का दबाव बनाया जा रहा है।
पत्रकार के अनुसार, जब उन्होंने दबाव में आकर बयान बदलने से इंकार किया, तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। आरोप है कि उन्हें जान से मारने, शहर छोड़ने और झूठे मामलों में फंसाने जैसी धमकियां दी गईं, जिससे वे और उनका परिवार भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं।
मामले का एक और चिंताजनक पहलू सामने आया है, जिसमें आरोपियों द्वारा बिना पंजीकृत पोर्टल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से पत्रकार की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। शिकायत में कहा गया है कि उनके खिलाफ भ्रामक और झूठी खबरें फैलाकर उनकी साख को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
प्रार्थी ने यह भी खुलासा किया कि एक अन्य व्यक्ति से धोखे से हस्ताक्षर कराकर उनके खिलाफ फर्जी आवेदन तैयार किया गया। हालांकि, संबंधित व्यक्ति ने बाद में शपथ पत्र प्रस्तुत कर पत्रकार को निर्दोष बताया है, जिससे इस पूरे षड्यंत्र की पुष्टि होती है।
इसके अलावा, एक अन्य संवेदनशील प्रकरण में भी पत्रकार ने आरोप लगाया है कि मरीज से जुड़े मामले में जबरन बयान दिलवाने और साजिश रचने का प्रयास किया गया, जिसकी शिकायत उन्होंने साक्ष्यों सहित पहले ही प्रशासन को सौंप दी है।
पत्रकार का कहना है कि उन्होंने इस पूरे मामले की शिकायत पूर्व में पुलिस प्रशासन से भी की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। ऐसे में उन्होंने कलेक्टर से निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि उन्हें सुरक्षा मिल सके और न्याय सुनिश्चित हो।
गौरतलब है कि इस गंभीर मामले की प्रतिलिपि राज्यपाल, मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, पुलिस अधीक्षक और प्रेस क्लब सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है, जिससे यह मामला अब उच्च स्तर तक पहुंच चुका है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले में कितनी तत्परता दिखाता है और पत्रकार को न्याय व सुरक्षा कब तक मिल पाती है।

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